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व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

इस कैटेगरी में पढ़ें व्यवहारिक मनोविज्ञान से जुड़े लेख, जो आपके सोचने, समझने और प्रतिक्रिया देने के तरीके को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

Revenge Bedtime Procrastination
चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

नींद से टालमटोल: देर रात तक जागे रहने का मनोविज्ञान

Revenge Bedtime Procrastination आधुनिक जीवन की एक मौन पुकार है- “मुझे थोड़ी आज़ादी चाहिए।” लेकिन अगर हम उस आज़ादी को नींद और सेहत की क़ीमत पर खरीदते हैं, तो ये बदला धीरे-धीरे स्वयं का विनाश या स्वयं की हानि बन जाता है।

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मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

जब कोई हमें इग्नोर करे तो हम और आकर्षित क्यों होते हैं?

इंसान को वो चीज़ सबसे ज़्यादा चाहिए होती है, जो उसे नहीं मिलती। और यही भावना किसी के ignore करने पर आकर्षण में बदल जाती है। यह केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा मनोवैज्ञानिक कारण होता है। जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके।

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मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

चेहरे की सूक्ष्म हरकतों से झूठ और भावनाएँ कैसे पहचानें

माइक्रोएक्सप्रेशन्स चेहरे की उन “नन्हीं लेकिन महत्वपूर्ण” हरकतों का नाम हैं, जो अक्सर हमारी सच-मुच की भावनाओं को बयाँ करती हैं, चाहे हम उन्हें छिपाना चाहें। अतः यह चेहरे की भाषा का एक गुप्त भाग है, जो शब्दों के पीछे छिपे असली अर्थ को उजागर कर सकता है।

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आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

त्योहारों की प्रतीक्षा: परंपरा से आगे, मनोवैज्ञानिक जरूरत

हम जब किसी आनंददायक घटना की प्रतीक्षा करते हैं, तो हमारा मस्तिष्क डोपामिन छोड़ता है, जिससे खुशी बढ़ती है और तनाव घटता है। इसलिए त्योहार आने से पहले ही उनका असर हमारे मूड और जीवनशक्ति पर दिखने लगता है।

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दीपावली पर तनावमुक्ति: सफाई व सजावट के पीछे का मनोविज्ञान

घर की सफाई, सजावट, दीयों की रौशनी, परिवार-समाज से जुड़ाव—इन सबका गहरा मनोवैज्ञानिक अर्थ है जो तनाव को दूर करने, आत्मचिंतन को बढ़ाने और जीवन में उत्साह भरने का काम करता है।

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आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं

सिग्नेचर का मनोविज्ञान: आपके व्यक्तित्व का कच्चा चिट्ठा

सिग्नेचर सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि आपके मनोविज्ञान, सोच और व्यक्तित्व की परतें खोलता है। ग्राफोलॉजी में सिग्नेचर विश्लेषण के आधार पर व्यक्ति के बारे में कई तथ्य सामने आते हैं।

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व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

रावण का महिमामंडन: बुराई को सही ठहराने का मनोविज्ञान

अनैतिक कृत्यों को glamorize करने से भावी पीढ़ी में नैतिक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
रावण का पतन इस बात की चेतावनी है कि चाहे आप कितने ही विद्वान या शक्तिशाली क्यों न हों, अगर आपके कर्म अधर्म से जुड़े हैं, तो अंततः हार निश्चित है।

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ऑनलाइन दोस्ती: फायदे, खतरे और डिजिटल रिश्तों की सच्चाई

ऑनलाइन दोस्ती का चलन आज के समय की एक सामाजिक वास्तविकता है। यह एक सुंदर अवसर है — नए विचारों से जुड़ने, मानसिक सहारा पाने, अकेलेपन को कम करने और दुनिया से संवाद बढ़ाने का। लेकिन इसमें सावधानी, आत्म-जागरूकता और संतुलन की आवश्यकता है।

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भावनाएँ दबाने से हो सकती हैं अनेक गंभीर बीमारियाँ

भावनाओं को दबाना केवल एक मानसिक आदत नहीं है, बल्कि यह शरीर में कई गंभीर रोगों का कारण बन सकती है। हाई ब्लड प्रेशर से लेकर नींद की समस्या, पाचन विकार, त्वचा रोग, हार्ट डिजीज और इम्यून कमजोरी तक—हर बीमारी के पीछे मन की असंतुलित स्थिति जिम्मेदार हो सकती है।

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Body Language
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Body Language का मनोविज्ञान: शहर और गाँव में फर्क क्यों?

बॉडी लैंग्वेज सिर्फ gestures नहीं—यह हमारे मन, समाज, संस्कृति और भावनाओं का संवाद है। शब्दों से परे जाकर समझने की कला ही Body Language का सबसे बड़ा रहस्य है। इसे जानिए, अपनाइए और अपने रिश्तों और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाइए।

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