G-5PXC3VN3LQ

Human Behavior

Human Behavior, Rewire your soach, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, मनोवैज्ञानिक हैक्स – दिमाग को समझने और इस्तेमाल करने के आसान तरीके, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

हमें तारीफ की भूख क्यों लगती है? Approval Addiction का सच

हम सब अपने जीवन में कभी न कभी दूसरों की सराहना, तारीफ या अनुमोदन चाहते हैं। यह इच्छा यदि जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह ‘अप्रूवल एडिक्शन’ या मान्यता की भूख’ बन जाती है।

, , , , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

गुस्से की इंस्टेंट ऊर्जा का सही उपयोग करें: जीवन बदल जायेगा

गुस्सा एक दरवाज़ा है- छोटा सा, लेकिन खतरनाक भी और चमत्कारी भी। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस दरवाज़े से विनाश में जाएंगे या विकास में। अगर आपने एक बार भी गुस्से की ऊर्जा को सही दिशा में लगा दिया तो सचमुच आपका जीवन बदल सकता है।

, , , , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, मनोवैज्ञानिक हैक्स – दिमाग को समझने और इस्तेमाल करने के आसान तरीके, मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

व्यस्त रहना सफलता नहीं है- दिमाग किसे उपलब्धि समझता है?

आधुनिक जीवन शैली में “हमेशा व्यस्त रहना” एक प्रतिष्ठा बन गई है। लोग अपनी व्यस्तता को सफलता और आत्म-सम्मान से जोड़ने लगे हैं। जबकि व्यस्त रहना और उत्पादक होना दो अलग बातें हैं। हमारे दिमाग को वास्तविक उत्पादकता के लिए “ब्रेक,” “विश्राम,” और “संतुलन” की उतनी ही जरूरत है जितनी काम की।

, , , , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, प्रेरणा - Motivation, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

Comfort Zone का मनोविज्ञान: क्यों दिमाग बदलाव से डरता है

बदलाव एक प्रक्रिया है जिसका स्वागत सही मानसिकता, योजना, और समर्थन के साथ किया जा सकता है। इसे भय के स्थान पर विकास का अवसर समझकर अपनाना ज्यादा सकारात्मक और प्रभावी होता है।

, , , , , , , , , ,
Human Behavior, Manifestation, Rewire your soach, प्रेरणा - Motivation, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

Mindset का जादू: सोच बदलो- कामयाबी हासिल करो

आपका Mindset सिर्फ़ सोच नहीं है, यह आपके दिमाग़ की संरचना और जीवन की दिशा दोनों तय करता है। यानी, अगर आप सोच बदलते हैं, तो सच में आपका दिमाग बदलने लगता है और वही आपकी ज़िंदगी बदल देता है।

, , , , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, मनोवैज्ञानिक हैक्स – दिमाग को समझने और इस्तेमाल करने के आसान तरीके, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

पुरुष व महिला के दिमाग में क्या अंतर है? सरल भाषा में समझें

महिला और पुरुष दोनों के दिमाग़ में कुछ विशेषताएँ होती हैं, जिनका सीधा सम्बन्ध उनकी जैविक बनावट, हार्मोन, और समाजिक अनुभवों से है। इसका असर उनके सोचने, महसूस करने, और काम करने के तौर-तरीकों पर पड़ता है।

, , , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

चेहरे की सूक्ष्म हरकतों से झूठ और भावनाएँ कैसे पहचानें

माइक्रोएक्सप्रेशन्स चेहरे की उन “नन्हीं लेकिन महत्वपूर्ण” हरकतों का नाम हैं, जो अक्सर हमारी सच-मुच की भावनाओं को बयाँ करती हैं, चाहे हम उन्हें छिपाना चाहें। अतः यह चेहरे की भाषा का एक गुप्त भाग है, जो शब्दों के पीछे छिपे असली अर्थ को उजागर कर सकता है।

, , , , , , ,
Human Behavior, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, स्व-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम

त्योहारों की प्रतीक्षा: परंपरा से आगे, मनोवैज्ञानिक जरूरत

हम जब किसी आनंददायक घटना की प्रतीक्षा करते हैं, तो हमारा मस्तिष्क डोपामिन छोड़ता है, जिससे खुशी बढ़ती है और तनाव घटता है। इसलिए त्योहार आने से पहले ही उनका असर हमारे मूड और जीवनशक्ति पर दिखने लगता है।

, , , , , , ,
Human Behavior, Rewire your soach, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

रावण का महिमामंडन: बुराई को सही ठहराने का मनोविज्ञान

अनैतिक कृत्यों को glamorize करने से भावी पीढ़ी में नैतिक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
रावण का पतन इस बात की चेतावनी है कि चाहे आप कितने ही विद्वान या शक्तिशाली क्यों न हों, अगर आपके कर्म अधर्म से जुड़े हैं, तो अंततः हार निश्चित है।

, , , , , , , ,
Body Language
Human Behavior, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं

Body Language का मनोविज्ञान: शहर और गाँव में फर्क क्यों?

बॉडी लैंग्वेज सिर्फ gestures नहीं—यह हमारे मन, समाज, संस्कृति और भावनाओं का संवाद है। शब्दों से परे जाकर समझने की कला ही Body Language का सबसे बड़ा रहस्य है। इसे जानिए, अपनाइए और अपने रिश्तों और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाइए।

, , , , , , , ,
Scroll to Top