दिमाग भूल जाए, पर शरीर दर्द को नहीं भूलता: Somatic Memory
हम अक्सर मानते हैं कि दर्द, डर या ट्रामा सिर्फ दिमाग में रहता है। पर आधुनिक न्यूरोसाइंस बता चुका है कि शरीर की अपनी भी एक “याददाश्त” होती है—जिसे कहा जाता है सोमैटिक मेमोरी (Somatic Memory)।
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हम अक्सर मानते हैं कि दर्द, डर या ट्रामा सिर्फ दिमाग में रहता है। पर आधुनिक न्यूरोसाइंस बता चुका है कि शरीर की अपनी भी एक “याददाश्त” होती है—जिसे कहा जाता है सोमैटिक मेमोरी (Somatic Memory)।
आधुनिक जीवन शैली में “हमेशा व्यस्त रहना” एक प्रतिष्ठा बन गई है। लोग अपनी व्यस्तता को सफलता और आत्म-सम्मान से जोड़ने लगे हैं। जबकि व्यस्त रहना और उत्पादक होना दो अलग बातें हैं। हमारे दिमाग को वास्तविक उत्पादकता के लिए “ब्रेक,” “विश्राम,” और “संतुलन” की उतनी ही जरूरत है जितनी काम की।
हम toxic या जहरीले लोगों को इसलिए याद रखते हैं क्योंकि हमारा दिमाग “ख़तरे को न भूलने” के लिए डिज़ाइन हुआ है। लेकिन इंसान होने का मतलब सिर्फ survive करना नहीं बल्कि उसे ठीक करना भी है। Negativity Bias हमें चेतावनी देता है, पर उसी में फँसे रहना ज़रूरी नहीं।
मनोरंजक मीम्स और वायरल वीडियो, जहाँ एक ओर तनाव को तात्कालिक तौर पर कम करने या मुश्किल हालात को हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने की ताकत देते हैं, वहीं दूसरी ओर यह कंटेंट भावनात्मक दर्द को छुपाने या खुद को दूसरों से लगातार तुलना करने की प्रवृत्ति भी बढ़ा सकते हैं।
हाइपोकॉन्ड्रिया एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के छोटे या सामान्य लक्षणों को भी गंभीर बीमारी का संकेत मान लेता है।
उसे बार-बार लगता है कि वह बीमार है, भले ही सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य आएँ।
आयुर्वेद, योग और हमारी पारम्परिक विधियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समाधान बाहर नहीं, भीतर है। जब हम खुद को समय देते हैं- शरीर को पोषण, मन को ध्यान, और आत्मा को मौन- तब हर कुंठा स्वाभाविक रूप से पिघलने लगती है।
अन्धविश्वास केवल परंपरा मात्र नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरी मनोवैज्ञानिक वजहें छुपी हैं। इस लेख में हम मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझेंगे कि अंधविश्वास आखिर मन में जन्म क्यों लेता है।
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म्यूजिक थेरेपी एक वैज्ञानिक तरीका है जो मानसिक तनाव, चिंता, अनिद्रा और भावनात्मक असंतुलन को दूर करने में मदद करता है। इस लेख में जानिए म्यूजिक थेरेपी के लाभ, इसका वैज्ञानिक आधार, कैसे करें अभ्यास और किन परिस्थितियों में इसका उपयोग सबसे ज्यादा लाभकारी है।
My journey of staying mentally strong through family struggles and anxiety. Read practical self-care and emotional resilience tips for everyday life.