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शरीर और मन का विज्ञानं

मनोविज्ञान में मन के साथ साथ शरीर भी सामान रूप से प्रभावित होता है इसलिए एक उपचार से दोनों को आराम मिल जाता है

आत्मा, मन, दिल और दिमाग में क्या अंतर है?
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, शरीर और मन का विज्ञानं

आत्मा, मन, दिल और दिमाग में क्या अंतर है? एक गहन विश्लेषण

हम अक्सर दिमाग से सोचते हैं, मन में उलझते हैं, दिल से महसूस करते हैं और आत्मा से दिशा पाते हैं। यह लेख आत्मा, मन, दिल और दिमाग के बीच के गहरे अंतर को सरल भाषा में समझाता है, ताकि आप अपने भीतर की सही आवाज़ पहचान सकें।

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हेडॉनिक एडाप्टेशन
व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं

जिस चीज को हम पा लेते हैं, उससे मोहभंग क्यों हो जाता है?

जिस रिश्ते, सपने या लक्ष्य को पाने के लिए हम तड़पते हैं, उसे हासिल करने के बाद वही साधारण क्यों लगने लगता है? क्या हम कृतघ्न हैं या हमारा दिमाग ही ऐसा बना है? यह लेख मोहभंग के पीछे छिपी मनोवैज्ञानिक सच्चाई को उजागर करता है।

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मेमोरी साइंस हिंदी
मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, शरीर और मन का विज्ञानं

जो याद है, क्या वही सच होता है? याददाश्त की अनसुनी सच्चाई

हम जो याद करते हैं, क्या वह पूरी सच्चाई होती है? इंसानी याददाश्त एक रिकॉर्डिंग मशीन नहीं, बल्कि बदलती हुई प्रक्रिया है। यह ब्लॉग बताएगा कि यादें कैसे बनती हैं, बिगड़ती हैं और समय के साथ क्यों बदल जाती हैं।

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Inner Engineering
मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय, शरीर और मन का विज्ञानं

इनर इंजीनियरिंग: आपके दुख और संघर्ष का असली कारण अंदर है

हम सोचते हैं कि हमारे दुख, तनाव और रिश्तों की समस्याएँ बाहर की दुनिया से आती हैं, लेकिन असल में वे हमारे अंदर चल रहे नर्वस सिस्टम, हार्मोन और विचारों के पैटर्न से पैदा होती हैं। इनर इंजीनियरिंग हमें यह समझना सिखाता है कि हमारा दिमाग और शरीर कैसे मिलकर हमारी जिंदगी को चलाते हैं और कैसे हम अपने अंदर के सिस्टम को बदलकर बाहर की परेशानियों से मुक्त हो सकते हैं।

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Heart vs Brain
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, शरीर और मन का विज्ञानं

दिल और दिमाग में किसका निर्णय बेहतर होता है?

दिल और दिमाग को अलग‑अलग रखना प्रकृति के खिलाफ है। दिल दिशा दिखाता है, दिमाग रास्ता तय करता है। किसी एक की आवाज़ को नज़रअंदाज़ करना बुद्धिमानी नहीं, बल्कि उसे समझकर संतुलन बनाना ही सही निर्णय की कुंजी है।

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विंटर ब्लूज़
व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं

सर्दियों में मन सुस्त और उदास क्यों हो जाता है- कभी सोचा ?

सर्दियों में मन का सुस्त और उदास होना कमज़ोरी नहीं, बल्कि दिमाग और शरीर का संकेत है। इसे जानने के लिए विंटर ब्लूज़, SAD के कारण, प्रभाव और आसान उपाय जानें। आज से सुस्ती दूर करें!

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Cognitive Miser Theory
मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, शरीर और मन का विज्ञानं

दिमाग हमेशा शॉर्टकट क्यों खोजता है– Cognitive Miser Theory

Cognitive Miser Theory यह नहीं कहती कि हम मूर्ख हैं बल्कि यह कहती है कि दिमाग ऊर्जा बचाकर समझदारी से काम करता है। लेकिन हमें चाहिए कि: जहाँ जरूरी हो, गहराई से सोचें, जल्दी निर्णय से बचें, सोचने की क्षमता को सक्रिय रखें। तभी हम बेहतर निर्णय ले पाएँगे और जीवन को अधिक समझदारी से जी पाएँगे।

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Subconscious Mind
मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय, शरीर और मन का विज्ञानं

अवचेतन मन कितना ताकतवर है? जानिए इसकी असली शक्ति

हमारा अवचेतन मन हमारी सोच, व्यवहार, आदतों और भावनाओं का वास्तविक नियंत्रक होता है। यह मन 95% जीवन को प्रभावित करता है फिर चाहे डर हो, आत्मविश्वास हो, निर्णय हो या सफलता। इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि अवचेतन मन कैसे काम करता है, क्यों इतना शक्तिशाली है और इसे अपने पक्ष में इस्तेमाल कर जीवन कैसे बदला जा सकता है।

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चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, शरीर और मन का विज्ञानं

जब इमोशंस शरीर को हाईजैक कर लेते हैं तो क्या होता है?

जब हमारे इमोशंस शरीर को हाईजैक कर लेते हैं, तो दिमाग, हार्मोन और नर्वस सिस्टम तुरंत अलग तरह से प्रतिक्रिया देने लगते हैं। इस ब्लॉग में जानिए कैसे गुस्सा, डर, दुख, तनाव और खुशी हमारे शरीर की धड़कन, सांस, पाचन, मांसपेशियों और फैसलों को प्रभावित करते हैं और हम इसे कैसे समझें और कंट्रोल करें।

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Multitasking Myth
चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, शरीर और मन का विज्ञानं

मल्टीटास्किंग का झूठ: दिमाग एक साथ कई काम नहीं कर सकता

मल्टीटास्किंग का सच जानें। हमारा दिमाग एक साथ कई काम नहीं करता, बल्कि सिर्फ तेजी से कामों के बीच स्विच करता है। जानें कैसे यह आदत प्रोडक्टिविटी घटाती है, तनाव बढ़ाती है और फोकस को कमजोर करती है, साथ ही सिंगल-टास्किंग के फायदों को समझें।

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