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शरीर और मन का विज्ञानं

मनोविज्ञान में मन के साथ साथ शरीर भी सामान रूप से प्रभावित होता है इसलिए एक उपचार से दोनों को आराम मिल जाता है

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मल्टीटास्किंग का झूठ: दिमाग एक साथ कई काम नहीं कर सकता

मल्टीटास्किंग का सच जानें। हमारा दिमाग एक साथ कई काम नहीं करता, बल्कि सिर्फ तेजी से कामों के बीच स्विच करता है। जानें कैसे यह आदत प्रोडक्टिविटी घटाती है, तनाव बढ़ाती है और फोकस को कमजोर करती है, साथ ही सिंगल-टास्किंग के फायदों को समझें।

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गुस्से की इंस्टेंट ऊर्जा का सही उपयोग करें: जीवन बदल जायेगा

गुस्सा एक दरवाज़ा है- छोटा सा, लेकिन खतरनाक भी और चमत्कारी भी। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस दरवाज़े से विनाश में जाएंगे या विकास में। अगर आपने एक बार भी गुस्से की ऊर्जा को सही दिशा में लगा दिया तो सचमुच आपका जीवन बदल सकता है।

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व्यस्त रहना सफलता नहीं है- दिमाग किसे उपलब्धि समझता है?

आधुनिक जीवन शैली में “हमेशा व्यस्त रहना” एक प्रतिष्ठा बन गई है। लोग अपनी व्यस्तता को सफलता और आत्म-सम्मान से जोड़ने लगे हैं। जबकि व्यस्त रहना और उत्पादक होना दो अलग बातें हैं। हमारे दिमाग को वास्तविक उत्पादकता के लिए “ब्रेक,” “विश्राम,” और “संतुलन” की उतनी ही जरूरत है जितनी काम की।

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सपनों की रहस्यमयी दुनिया: अवचेतन मन के संदेशों को समझें

हर सपना एक संदेश होता है- कभी डर का, कभी चाह का, और कभी चेतावनी का। सपनों को भविष्यवाणी की तरह नहीं, बल्कि अपने मन की भाषा की तरह समझना चाहिए। इस ब्लॉग में सपनों के रहस्य जानिए।

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कम भोजन करने से बढ़ेगा आपका फोकस और ऊर्जा

कम भोजन भोजन की मात्रा नियंत्रित करने वाली एक आदत है, जो सही तरीके से अपनाई जाए तो मानसिक ऊर्जा, फोकस, फिजिकल हेल्थ और लंबी उम्र का राज़ बन सकती है। शोध यह साफ़ दर्शाते हैं कि सीमित कैलोरी सेवन से मस्तिष्क ज्यादा चुस्त रहता है।

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जब कोई हमें इग्नोर करे तो हम और आकर्षित क्यों होते हैं?

इंसान को वो चीज़ सबसे ज़्यादा चाहिए होती है, जो उसे नहीं मिलती। और यही भावना किसी के ignore करने पर आकर्षण में बदल जाती है। यह केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा मनोवैज्ञानिक कारण होता है। जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके।

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हाइपोकॉन्ड्रिया या बीमारी का वहम: छोटे लक्षण, बड़ा डर

हाइपोकॉन्ड्रिया एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के छोटे या सामान्य लक्षणों को भी गंभीर बीमारी का संकेत मान लेता है।
उसे बार-बार लगता है कि वह बीमार है, भले ही सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य आएँ।

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Frustration Management
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मन का फ़्रस्ट्रेशन दूर करें: आयुर्वेद, योग और पारम्परिक उपाय

आयुर्वेद, योग और हमारी पारम्परिक विधियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समाधान बाहर नहीं, भीतर है। जब हम खुद को समय देते हैं- शरीर को पोषण, मन को ध्यान, और आत्मा को मौन- तब हर कुंठा स्वाभाविक रूप से पिघलने लगती है।

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दीपावली पर तनावमुक्ति: सफाई व सजावट के पीछे का मनोविज्ञान

घर की सफाई, सजावट, दीयों की रौशनी, परिवार-समाज से जुड़ाव—इन सबका गहरा मनोवैज्ञानिक अर्थ है जो तनाव को दूर करने, आत्मचिंतन को बढ़ाने और जीवन में उत्साह भरने का काम करता है।

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खुशहाल मूड का राज़: फूड्स जो आपके दिमाग को खुश रखते हैं

हमारा मस्तिष्क कुछ रसायनों की मदद से “feel-good” या “sad” महसूस करता है। इनमें सबसे प्रमुख दो हैं — डोपामाइन और सेरोटोनिन। हमारे प्रतिदिन के भोजन में कई ऐसे natural foods मौजूद हैं जो इन रसायनों को बढ़ाने में मदद करते हैं।

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