मोटापा: भारत की अगली महामारी तो नहीं है ?
भारत में मोटापा तेजी से एक नई महामारी के रूप में उभर रहा है। जानिए इसके पीछे के कारण, डराने वाले आंकड़े, और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम – इस तथ्यपूर्ण और चेतावनी भरे ब्लॉग में।
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Skip to contentइस कैटेगरी में पढ़ें आत्म-विकास, आदत सुधार, और मोटिवेशन से जुड़े लेख जो आपको एक बेहतर इंसान बनने में मदद करते हैं।
भारत में मोटापा तेजी से एक नई महामारी के रूप में उभर रहा है। जानिए इसके पीछे के कारण, डराने वाले आंकड़े, और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम – इस तथ्यपूर्ण और चेतावनी भरे ब्लॉग में।
क्या दिल टूटने का दर्द वाकई असली होता है? न्यूरोसाइंस कहता है – हां! आपका दिमाग ब्रेकअप या भावनात्मक चोट को उसी तरह महसूस करता है जैसे किसी फिजिकल इंजरी को। जानिए इसका मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण।
खुद को पहचानने में ब्रेन मैपिंग की क्या भूमिका है नाम: अर्पिता शर्मा, उम्र: 32 वर्ष, पेशा: कॉर्पोरेट मैनेजर (MNC),
अकेले रहना या “सिंगल रहना” अब एक फैशन और स्वतंत्रता की निशानी बन गया है। यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा ट्रेंड है जो बेहद चिंताजनक है। शादी का “दौर” खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका अंदाज़ और उद्देश्य बदलना चाहिए।
सोच बदलो तो जिंदगी कैसे बदल जाएगी ! इस ब्लॉग में हम जानेंगें पॉजिटिव माइंडसेट के बारे में, और हम अपनी सोच को आसान और प्रैक्टिकल तरीकों से कैसे बदल सकते हैं इसका मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे।
मेनिफेस्टेशन एक मोटिव और सकारात्मक सोचने का तरीका है, जो आपके आत्मविश्वास, मोटिवेशन और लक्ष्य प्राप्ति में मदद कर सकता है। लेकिन इसे जादू समझने की बजाय, इसे मेहनत, योजना और व्यवहारिक कदमों के साथ जोड़ना चाहिए। तभी आप अपने सपनों को सच कर सकते हैं।
जिंदगी के ये लेसंस किताबों में नहीं अनुभवों में मिलते हैं। यहाँ हम जानेंगे 30 ऐसे अनमोल सबक, जो आपको मुश्किलों में भी उम्मीद और रास्ता दिखाएंगे। इन्हें अपनाओ और अपनी जिंदगी को और बेहतर बनाओ।
खुद को बेहतर बनाना कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जीवन भर चलने वाली यात्रा है। इस लेख में दिए गए 12 महत्वपूर्ण उपायों को अपनाकर वे अपने कॅरिअर में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।
जीवन में दूसरा मौका देना एक सुनहरा अवसर होता है, लेकिन हर किसी को यह मौका नहीं मिलना चाहिए। जो लोग बार-बार आपके भरोसे को तोड़ते हैं, आपके साथ मुश्किल समय में खड़े नहीं होते, जो केवल लेना जानते हैं, चिर आलोचक होते हैं, या केवल अपने फायदे के लिए आपके साथ जुड़ते हैं, उन्हें दूसरा मौका न देना ही बेहतर होता है।
अकेलेपन से बाहर निकलने के लिए अपनाएं 7 वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तरीके—मनोवैज्ञानिक अभ्यास, सामाजिक पहचान और थेरेपी की मदद से पाएं सुकून।