Entitlement Syndrome
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

मुझे सब मिलना ही चाहिए: युवाओं में बढ़ती हकदारी की भावना

“मुझे सब कुछ मिलना चाहिए” — यह सोच जितनी आकर्षक लगती है, उतनी ही खतरनाक भी है। यह व्यक्ति को अंदर से खोखला कर देती है। यदि हम एक संतुलित और सफल जीवन चाहते हैं, तो हमें अधिकार की नहीं, जिम्मेदारी की भावना को अपनाना होगा।

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