आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

त्योहारों की प्रतीक्षा: परंपरा से आगे, मनोवैज्ञानिक जरूरत

हम जब किसी आनंददायक घटना की प्रतीक्षा करते हैं, तो हमारा मस्तिष्क डोपामिन छोड़ता है, जिससे खुशी बढ़ती है और तनाव घटता है। इसलिए त्योहार आने से पहले ही उनका असर हमारे मूड और जीवनशक्ति पर दिखने लगता है।

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