ज़्यादा विकल्प = कम खुशी: मनोविज्ञान का चौंकाने वाला सच
विकल्प ज़िन्दगी का हिस्सा हैं, लेकिन ज़्यादा सोच-समझ कर विकल्प चुनना और उनमें खुश रहना भी बढ़िया कला है। मनोविज्ञान का यह सच हमें सिखाता है कि ज़्यादा विकल्प होना हमेशा खुशी नहीं देता, बल्कि कभी-कभी वह उलझन और तनाव का कारण बन जाता है।

