हमें तारीफ की भूख क्यों लगती है? Approval Addiction का सच
हम सब अपने जीवन में कभी न कभी दूसरों की सराहना, तारीफ या अनुमोदन चाहते हैं। यह इच्छा यदि जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह ‘अप्रूवल एडिक्शन’ या मान्यता की भूख’ बन जाती है।
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बदलाव एक प्रक्रिया है जिसका स्वागत सही मानसिकता, योजना, और समर्थन के साथ किया जा सकता है। इसे भय के स्थान पर विकास का अवसर समझकर अपनाना ज्यादा सकारात्मक और प्रभावी होता है।
आयुर्वेद, योग और हमारी पारम्परिक विधियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समाधान बाहर नहीं, भीतर है। जब हम खुद को समय देते हैं- शरीर को पोषण, मन को ध्यान, और आत्मा को मौन- तब हर कुंठा स्वाभाविक रूप से पिघलने लगती है।
घर की सफाई, सजावट, दीयों की रौशनी, परिवार-समाज से जुड़ाव—इन सबका गहरा मनोवैज्ञानिक अर्थ है जो तनाव को दूर करने, आत्मचिंतन को बढ़ाने और जीवन में उत्साह भरने का काम करता है।
रिलैक्सेशन तकनीकें केवल “तनाव घटाने की विधि” भर नहीं हैं, बल्कि ये जीवन जीने के स्वस्थ तरीके हैं। शुरुआती स्तर की साधारण सांस तकनीक से लेकर उन्नत स्तर की हर विधि व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्म-जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाती है।
देवी के नौ रूप केवल धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के नौ गहरे पाठ भी हैं। ये सब मिलकर हमें संतुलित, जागरूक और मज़बूत मनुष्य बनाते हैं।
नवरात्र उपवास “शरीर से लेकर मन” की सफाई, आत्मनियंत्रण, और भावनाओं के शोधन का सशक्त अवसर है। उपवास को सही दृष्टिकोण, मनोवैज्ञानिक तैयारी, और आध्यात्मिक भाव के साथ अपनाया जाए—तो यह भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर कल्याण कर सकता है।
My journey of staying mentally strong through family struggles and anxiety. Read practical self-care and emotional resilience tips for everyday life.
मैंने मनोविज्ञान में पीएचडी की है, लेकिन असली बदलाव तब आया जब मैंने अपने जीवन में मानसिक स्वास्थ्य की तकनीकों को अपनाना शुरू किया। दूसरों को प्रेरित करते-करते मैं खुद भी मजबूत होती गई। जानिए मेरी पूरी यात्रा और उन अनुभवों के बारे में जिन्होंने मुझे आत्म-समझ और आत्म-देखभाल की राह दिखाई।
ब्रेन फोग कोई असाध्य स्थिति नहीं है। सही मनोवैज्ञानिक तकनीकों, लाइफस्टाइल बदलाव, आहार, और सामाजिक जुड़ाव से इसे नियंत्रित व दूर किया जा सकता है। ब्रेन फ़ॉग से व्यक्ति की याददाश्त, एकाग्रता, सोचने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ता है।