क्या 30 के बाद शरीर बदलने लगता है?
हाँ, लेकिन अचानक नहीं-धीरे-धीरे, चुपचाप
30 के बाद मेटाबोलिज्म 3-8% प्रति दशक धीमा होता है, जिससे वजन आसानी से बढ़ने लगता है। कैलोरी बर्न कम होता है
30 के बाद हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं, ऑस्टियोपेनिया का खतरा बढ़ता है। एस्ट्रोजन-टेस्टोस्टेरोन कम होने से फ्रैक्चर रिस्क बढ़ता है।
Learn more
हर दशक 3-8% मांसपेशियाँ कम होती हैं, ताकत घटती है। यह चुपचाप होता है और दैनिक काम कठिन बना देता है।
एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन कम होने से मूड स्विंग्स, थकान और वजन बढ़ता है। महिलाओं में पीरियड्स अनियमित।
Learn more
कोलेजन 1% सालाना कम होता है, झुर्रियाँ और त्वचा में ढीलापन आने लगता है।
हार्मोन बदलाव और स्ट्रेस से बाल पतले होने लगते हैं। 30s में यह आम समस्या है।
Learn more
दिल की सेहत प्रभावित- कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, आर्टरी में फैट जमा, ब्लड प्रेशर बढ़ना। स्टैमिना कम।
गहरी नींद कम होती है, रिकवरी धीमी। हार्मोन असंतुलन से थकान बनी रहती है।
Learn more
वर्कआउट या रात जागने के बाद बॉडी रिकवर करने में ज्यादा समय। मसल लॉस से।
फर्टिलिटी में कमी- महिलाओं में अंडे की क्वालिटी घटती है, पुरुषों में स्पर्म।
30 अंत नहीं, नया चरण है
सही खानपान, एक्सरसाइज और नींद से आप 40 में भी फिट रह सकते हैं।
Learn more