समस्या की पहचान (Day 1)

हर नेगेटिव थॉट को पहचानिये, उसे दबाइए मत।

नाम दीजिए थॉट को (Day 2)

ये सच नहीं, बस एक सोच है

नेगेटिव को न्यूट्रल बनाओ (Day 3)

मैं फेल हूँ- लेकिन “मैं सीख रहा/रही हूँ”

माइंड को सबूत दीजिए (Day 4)

दिमाग सबूत से बदलता है

सकारात्मक दोहराएं (Day 5)

जो रोज़ बोलते हो, वही आप बनते हो

चलो, दिमाग अपने आप बदलेगा (Day 6)

टहलना, स्ट्रेचिंग, धूप- असर तुरंत

दिन की 3 अच्छी बातें लिखें (Day 7)

नेगेटिविटी कमजोर पड़ने लगती है।

ब्रेन रिवायरिंग एक प्रक्रिया है

तुम टूटी सोच नहीं हो- तुम बदलती हुई सोच हो