लोग झूठ बोलते क्यों पकड़े जाते हैं? 6 बॉडी लैंग्वेज संकेत

झूठ बोलना आसान होता है…लेकिन दिमाग झूठ छिपा नहीं पाता, शरीर सच बोल देता है

संकेत 1 - आँखें इधर-उधर

झूठा आँखें चुराता है या घूरता है। वो आँखों में आखें डालकर बात नहीं कर पाता।

झूठ के तनाव में लोग अनजाने में मुंह या नाक को बार-बार छूने लगते हैं।

संकेत 2 - नाक/मुँह छूना

सीधा सवाल पूछो तो सिर हाँ में हिलता है लेकिन बॉडी "ना" कहती है- विरोधाभास

संकेत 3 - सिर हिलाना

संकेत 4 - पैर हिलाना

पैर ऊपर-नीचे या क्रॉस-अनक्रॉस। पैर हिलाना या पैरों की पोजीशन बदलते रहना

संकेत 5 - पसीना + खाँसी

झूठ बोलने पर तनाव से पसीना आना और  गला सूखना। चेहरे के भाव बदलना, आवाज काँपना

बार-बार हाथ मलना, उंगलियां चटकाना, चीजों से खेलना- तनाव शरीर में हलचल पैदा करता है।

संकेत 6 - हाथों की बेचैनी

सिर्फ एक संकेत देखकर किसी को झूठा न मानें। 3 संकेत एक साथ दिखें तो 90% झूठ।

सच पहचानने की शुरुआत समझने से होती है। ध्यान से देखें, धैर्य रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें

सच पकड़ने की कोशिश में रिश्ते मत तोड़िए। बॉडी लैंग्वेज संकेत देती है, फैसला नहीं सुनाती।