महिलाएँ भाषा जल्दी सीखती और इस्तेमाल करती हैं।
पुरुष और महिला मस्तिष्क में 100+ जीन अलग तरीके से सक्रिय। 90% जीन X/Y क्रोमोसोम पर नहीं, बल्कि हार्मोन्स (टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन) से प्रभावित। इस कारण सोच, व्यवहार, न्यूरॉन फंक्शन और बीमारियां अलग अलग।
इसलिए “पुरुष ऐसे ही होते हैं” या “महिलाएँ हमेशा ऐसी होती हैं” कहना पूरी तरह सही नहीं।