क्या आपकी भी रात में 3 बजे आंख खुल जाती है?

कारण शॉकिंग है!

बार-बार ऐसा होना कोई संयोग नहीं, बल्कि शरीर का संकेत हो सकता है। जानें इसके पीछे छिपे राज़।

3-4 बजे बॉडी का तापमान सबसे कम होता है, शरीर में तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) बढ़ना शुरू हो जाता है। अगर तनाव ज्यादा है तो नींद टूट जाती है।

30-35% लोग रात में 3-4 बजे जागते हैं। उस समय नींद हल्की होती है, इसलिए थोड़े भी आवाज़ या हलचल से टूट जाती है।

अम्लपित्त या एसिड रिफ्लक्स में पेट का तेजाब गले तक आ जाता है, जिससे जलन होती है और नींद टूट जाती है।

डिप्रेशन या चिंता रोग में नींद टूटती है, खासकर 3 बजे जब दिमाग सबसे सक्रिय होता है। दिन भर की टेंशन रात को हावी हो जाती है।

रात को सांस बार-बार रुक जाती है, तब दिमाग हवा के लिए जगा देता है। खर्राटे, थकान और सिरदर्द इसके संकेत।

स्लीप एप्निया-सांस रुकना

अगर रात में शुगर लेवल गिरता है, तो शरीर अलर्ट सिग्नल देता है और नींद खुल जाती है।

लोग मानते हैं 3-5 बजे 'ब्रह्म मुहूर्त' के समय नेगेटिव एनर्जी कम, प्रेयर के लिए बेस्ट है। लेकिन साइंस कहती है इस समय स्ट्रेस ज्यादा होता है!

बेडरूम को डार्क बनाएं, मोबाइल अवॉइड करें। शाम को कैफीन बंद, डिनर हल्का रखें। 10 मिनट डीप ब्रीदिंग या डायरी लिखें।

क्या करें?

अगर आपकी रात 3 बजे आंख खुलती है तो इसे नजरअंदाज मत कीजिए। आपका शरीर कुछ कहना चाहता है- उसे सुनें !