आज की युवा पीढ़ी मानसिक रूप से क्यों थक रही है?

भारत में 60% युवा तनाव-डिप्रेशन से प्रभावित हैं। ये आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं।

थकान सिर्फ शरीर की नहीं होती…आज का युवा मन से थक चुका है।

अनिश्चित भविष्य की चिंता, आज की शांति छीन लेती है।

दूसरों की चमकती ज़िंदगी देखकर उन्हें अपनी ज़िंदगी फीकी लगने लगती है।

हर समय कुछ साबित करने का दबाव- करियर, पैसा, सफलता।

“मजबूत बनो” कह-कह कर उनकी भावनाओं को दबा दिया गया।

रोमांटिक रिश्तों में इमोशनल डिपेंडेंसी मन को और थका देती है

नींद की कमी सिर्फ शरीर नहीं, मन को भी तोड़ती है। देर रात जागना, ज्यादा स्क्रीन टाइम तनाव हार्मोन को बढ़ाता है।

खराब लाइफस्टाइल और न्यूट्रिशन की कमी ख़ुशी के हार्मोन कम करके मन की शांति छीन लेती है।

पारिवारिक और सामाजिक अपेक्षाएं जब बोझ बन जाएँ, तो युवा चुपचाप टूटता है।

अगर आप ऐसा महसूस करते हैं, तो आप कमजोर नहीं-बस मानसिक रूप से थके हुए हैं।

आपके शरीर नहीं, दिमाग को आराम चाहिए- 30 मिनट वॉक, मेडिटेशन, सोशल मीडिया लिमिट, परिवार से बात, संतुलित आहार।

बदलाव संभव है!