हमें तारीफ की भूख क्यों लगती है? Approval Addiction का सच
हम सब अपने जीवन में कभी न कभी दूसरों की सराहना, तारीफ या अनुमोदन चाहते हैं। यह इच्छा यदि जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह ‘अप्रूवल एडिक्शन’ या मान्यता की भूख’ बन जाती है।
गुस्से की इंस्टेंट ऊर्जा का सही उपयोग करें: जीवन बदल जायेगा
गुस्सा एक दरवाज़ा है- छोटा सा, लेकिन खतरनाक भी और चमत्कारी भी। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस दरवाज़े से विनाश में जाएंगे या विकास में। अगर आपने एक बार भी गुस्से की ऊर्जा को सही दिशा में लगा दिया तो सचमुच आपका जीवन बदल सकता है।
दिमाग भूल जाए, पर शरीर दर्द को नहीं भूलता: Somatic Memory
हम अक्सर मानते हैं कि दर्द, डर या ट्रामा सिर्फ दिमाग में रहता है। पर आधुनिक न्यूरोसाइंस बता चुका है कि शरीर की अपनी भी एक “याददाश्त” होती है—जिसे कहा जाता है सोमैटिक मेमोरी (Somatic Memory)।
इमोशनल डिपेंडेंसी या सच्चा प्यार? फर्क जानिए और खुद को बचाइए
इमोशनल डिपेंडेंसी और सच्चे प्यार में फर्क समझना अपने आत्म-सम्मान, मानसिक स्वास्थय और संपूर्ण जीवन की गुणवत्ता के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है।
व्यस्त रहना सफलता नहीं है- दिमाग किसे उपलब्धि समझता है?
आधुनिक जीवन शैली में “हमेशा व्यस्त रहना” एक प्रतिष्ठा बन गई है। लोग अपनी व्यस्तता को सफलता और आत्म-सम्मान से जोड़ने लगे हैं। जबकि व्यस्त रहना और उत्पादक होना दो अलग बातें हैं। हमारे दिमाग को वास्तविक उत्पादकता के लिए “ब्रेक,” “विश्राम,” और “संतुलन” की उतनी ही जरूरत है जितनी काम की।
Comfort Zone का मनोविज्ञान: क्यों दिमाग बदलाव से डरता है
बदलाव एक प्रक्रिया है जिसका स्वागत सही मानसिकता, योजना, और समर्थन के साथ किया जा सकता है। इसे भय के स्थान पर विकास का अवसर समझकर अपनाना ज्यादा सकारात्मक और प्रभावी होता है।
सपनों की रहस्यमयी दुनिया: अवचेतन मन के संदेशों को समझें
हर सपना एक संदेश होता है- कभी डर का, कभी चाह का, और कभी चेतावनी का। सपनों को भविष्यवाणी की तरह नहीं, बल्कि अपने मन की भाषा की तरह समझना चाहिए। इस ब्लॉग में सपनों के रहस्य जानिए।
Mindset का जादू: सोच बदलो- कामयाबी हासिल करो
आपका Mindset सिर्फ़ सोच नहीं है, यह आपके दिमाग़ की संरचना और जीवन की दिशा दोनों तय करता है। यानी, अगर आप सोच बदलते हैं, तो सच में आपका दिमाग बदलने लगता है और वही आपकी ज़िंदगी बदल देता है।
कम भोजन करने से बढ़ेगा आपका फोकस और ऊर्जा
कम भोजन भोजन की मात्रा नियंत्रित करने वाली एक आदत है, जो सही तरीके से अपनाई जाए तो मानसिक ऊर्जा, फोकस, फिजिकल हेल्थ और लंबी उम्र का राज़ बन सकती है। शोध यह साफ़ दर्शाते हैं कि सीमित कैलोरी सेवन से मस्तिष्क ज्यादा चुस्त रहता है।










