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Author name: Dr. Seema Tripathi

Revenge Bedtime Procrastination
चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

नींद से टालमटोल: देर रात तक जागे रहने का मनोविज्ञान

Revenge Bedtime Procrastination आधुनिक जीवन की एक मौन पुकार है- “मुझे थोड़ी आज़ादी चाहिए।” लेकिन अगर हम उस आज़ादी को नींद और सेहत की क़ीमत पर खरीदते हैं, तो ये बदला धीरे-धीरे स्वयं का विनाश या स्वयं की हानि बन जाता है।

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मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

जब कोई हमें इग्नोर करे तो हम और आकर्षित क्यों होते हैं?

इंसान को वो चीज़ सबसे ज़्यादा चाहिए होती है, जो उसे नहीं मिलती। और यही भावना किसी के ignore करने पर आकर्षण में बदल जाती है। यह केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा मनोवैज्ञानिक कारण होता है। जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके।

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मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय

मीम्स और फनी कंटेंट का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

मनोरंजक मीम्स और वायरल वीडियो, जहाँ एक ओर तनाव को तात्कालिक तौर पर कम करने या मुश्किल हालात को हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने की ताकत देते हैं, वहीं दूसरी ओर यह कंटेंट भावनात्मक दर्द को छुपाने या खुद को दूसरों से लगातार तुलना करने की प्रवृत्ति भी बढ़ा सकते हैं।

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मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय, शरीर और मन का विज्ञानं

हाइपोकॉन्ड्रिया या बीमारी का वहम: छोटे लक्षण, बड़ा डर

हाइपोकॉन्ड्रिया एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के छोटे या सामान्य लक्षणों को भी गंभीर बीमारी का संकेत मान लेता है।
उसे बार-बार लगता है कि वह बीमार है, भले ही सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य आएँ।

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Frustration Management
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय

मन का फ़्रस्ट्रेशन दूर करें: आयुर्वेद, योग और पारम्परिक उपाय

आयुर्वेद, योग और हमारी पारम्परिक विधियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समाधान बाहर नहीं, भीतर है। जब हम खुद को समय देते हैं- शरीर को पोषण, मन को ध्यान, और आत्मा को मौन- तब हर कुंठा स्वाभाविक रूप से पिघलने लगती है।

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मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

चेहरे की सूक्ष्म हरकतों से झूठ और भावनाएँ कैसे पहचानें

माइक्रोएक्सप्रेशन्स चेहरे की उन “नन्हीं लेकिन महत्वपूर्ण” हरकतों का नाम हैं, जो अक्सर हमारी सच-मुच की भावनाओं को बयाँ करती हैं, चाहे हम उन्हें छिपाना चाहें। अतः यह चेहरे की भाषा का एक गुप्त भाग है, जो शब्दों के पीछे छिपे असली अर्थ को उजागर कर सकता है।

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आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

त्योहारों की प्रतीक्षा: परंपरा से आगे, मनोवैज्ञानिक जरूरत

हम जब किसी आनंददायक घटना की प्रतीक्षा करते हैं, तो हमारा मस्तिष्क डोपामिन छोड़ता है, जिससे खुशी बढ़ती है और तनाव घटता है। इसलिए त्योहार आने से पहले ही उनका असर हमारे मूड और जीवनशक्ति पर दिखने लगता है।

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व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

दीपावली पर तनावमुक्ति: सफाई व सजावट के पीछे का मनोविज्ञान

घर की सफाई, सजावट, दीयों की रौशनी, परिवार-समाज से जुड़ाव—इन सबका गहरा मनोवैज्ञानिक अर्थ है जो तनाव को दूर करने, आत्मचिंतन को बढ़ाने और जीवन में उत्साह भरने का काम करता है।

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स्वास्थ्य और पोषण

खुशहाल मूड का राज़: फूड्स जो आपके दिमाग को खुश रखते हैं

हमारा मस्तिष्क कुछ रसायनों की मदद से “feel-good” या “sad” महसूस करता है। इनमें सबसे प्रमुख दो हैं — डोपामाइन और सेरोटोनिन। हमारे प्रतिदिन के भोजन में कई ऐसे natural foods मौजूद हैं जो इन रसायनों को बढ़ाने में मदद करते हैं।

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मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए

रंगों का मनोविज्ञान: मूड और निर्णय पर असर

रंग सिर्फ आंखों का सुख नहीं हैं — वे हमारे मूड, सोच, और व्यवहार के अदृश्य निर्देशक हैं। आपके घर की दीवार, आपकी ड्रेस या ऑफिस की फाइलों के रंग — हर चीज़ silently आपके दिमाग़ से संवाद करती है। इसलिए अगली बार सिर्फ “सुंदर” नहीं, बल्कि “सकारात्मक प्रभाव वाला” रंग चुनें।

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