G-5PXC3VN3LQ

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और मानसिक संतुलन से जुड़ी जागरूकता आधारित जानकारी। यहाँ प्रकाशित लेख मानसिक प्रक्रियाओं को समझने और आत्म-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, शरीर और मन का संबंध

जब इमोशंस शरीर को हाईजैक कर लेते हैं तो क्या होता है?

जब हमारे इमोशंस शरीर को हाईजैक कर लेते हैं, तो दिमाग, हार्मोन और नर्वस सिस्टम तुरंत अलग तरह से प्रतिक्रिया देने लगते हैं। इस ब्लॉग में जानिए कैसे गुस्सा, डर, दुख, तनाव और खुशी हमारे शरीर की धड़कन, सांस, पाचन, मांसपेशियों और फैसलों को प्रभावित करते हैं और हम इसे कैसे समझें और कंट्रोल करें।

, , , , , , , ,
Somatic Memory
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, शरीर और मन का संबंध

दिमाग भूल जाए, पर शरीर दर्द को नहीं भूलता: Somatic Memory

हम अक्सर मानते हैं कि दर्द, डर या ट्रामा सिर्फ दिमाग में रहता है। पर आधुनिक न्यूरोसाइंस बता चुका है कि शरीर की अपनी भी एक “याददाश्त” होती है—जिसे कहा जाता है सोमैटिक मेमोरी (Somatic Memory)।

, , , , , ,
vyast rahne ka manojigyan productivity trap
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, व्यवहारिक मनोविज्ञान, शरीर और मन का संबंध

व्यस्त रहना सफलता नहीं है- दिमाग किसे उपलब्धि समझता है?

आधुनिक जीवन शैली में “हमेशा व्यस्त रहना” एक प्रतिष्ठा बन गई है। लोग अपनी व्यस्तता को सफलता और आत्म-सम्मान से जोड़ने लगे हैं। जबकि व्यस्त रहना और उत्पादक होना दो अलग बातें हैं। हमारे दिमाग को वास्तविक उत्पादकता के लिए “ब्रेक,” “विश्राम,” और “संतुलन” की उतनी ही जरूरत है जितनी काम की।

, , , , , , , , ,
आत्म-विकास और आदतें, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

Toxic लोग क्यों नहीं भूलते- नेगेटिविटी बायस का मनोविज्ञान

हम toxic या जहरीले लोगों को इसलिए याद रखते हैं क्योंकि हमारा दिमाग “ख़तरे को न भूलने” के लिए डिज़ाइन हुआ है। लेकिन इंसान होने का मतलब सिर्फ survive करना नहीं बल्कि उसे ठीक करना भी है। Negativity Bias हमें चेतावनी देता है, पर उसी में फँसे रहना ज़रूरी नहीं।

, , , , , , , , ,
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

मीम्स और फनी कंटेंट का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

मनोरंजक मीम्स और वायरल वीडियो, जहाँ एक ओर तनाव को तात्कालिक तौर पर कम करने या मुश्किल हालात को हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने की ताकत देते हैं, वहीं दूसरी ओर यह कंटेंट भावनात्मक दर्द को छुपाने या खुद को दूसरों से लगातार तुलना करने की प्रवृत्ति भी बढ़ा सकते हैं।

, , , , , , , , ,
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, शरीर और मन का संबंध

हाइपोकॉन्ड्रिया या बीमारी का वहम: छोटे लक्षण, बड़ा डर

हाइपोकॉन्ड्रिया एक मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के छोटे या सामान्य लक्षणों को भी गंभीर बीमारी का संकेत मान लेता है।
उसे बार-बार लगता है कि वह बीमार है, भले ही सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य आएँ।

, , , , , , , , , ,
Frustration Management
आत्म-विकास और आदतें, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

मन का फ़्रस्ट्रेशन दूर करें: आयुर्वेद, योग और पारम्परिक उपाय

आयुर्वेद, योग और हमारी पारम्परिक विधियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समाधान बाहर नहीं, भीतर है। जब हम खुद को समय देते हैं- शरीर को पोषण, मन को ध्यान, और आत्मा को मौन- तब हर कुंठा स्वाभाविक रूप से पिघलने लगती है।

, , , , , , , , , , ,
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

खुशहाल मूड का राज़: फूड्स जो आपके दिमाग को खुश रखते हैं

हमारा मस्तिष्क कुछ रसायनों की मदद से “feel-good” या “sad” महसूस करता है। इनमें सबसे प्रमुख दो हैं — डोपामाइन और सेरोटोनिन। हमारे प्रतिदिन के भोजन में कई ऐसे natural foods मौजूद हैं जो इन रसायनों को बढ़ाने में मदद करते हैं।

, , , , , , ,
superstitions psychology
मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

अंधविश्वास और मनोविज्ञान: टोना-टोटका पर विश्वास क्यों ?

अन्धविश्वास केवल परंपरा मात्र नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरी मनोवैज्ञानिक वजहें छुपी हैं। इस लेख में हम मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझेंगे कि अंधविश्वास आखिर मन में जन्म क्यों लेता है।

, , , , , , , ,
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, व्यवहारिक मनोविज्ञान

रावण का महिमामंडन: बुराई को सही ठहराने का मनोविज्ञान

अनैतिक कृत्यों को glamorize करने से भावी पीढ़ी में नैतिक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
रावण का पतन इस बात की चेतावनी है कि चाहे आप कितने ही विद्वान या शक्तिशाली क्यों न हों, अगर आपके कर्म अधर्म से जुड़े हैं, तो अंततः हार निश्चित है।

, , , , , , , ,
Scroll to Top