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मौन उदासी
आत्म-विकास और आदतें, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

मौन उदासी: जब आप थक चुके होते हैं लेकिन बोलते नहीं

मौन उदासी उस छुपी हुई मानसिक स्थिति का नाम है, जिसमें व्यक्ति खुद भी नहीं समझ पाता कि वह अंदर ही अंदर टूट रहा है। एक चुपचाप बढ़ता मानसिक संघर्ष जो शब्दों में नहीं आता, लेकिन धीरे-धीरे इंसान को भीतर से खोखला कर देता है। इस लेख में इसके कारण और बचाव के तरीके जानें।

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Anger management
आत्म-विकास और आदतें, व्यवहारिक मनोविज्ञान

क्या आप भी जल्दी गुस्सा हो जाते हैं?जानिए इसका मनोविज्ञान

गुस्सा एक स्वाभाविक भावना है, लेकिन जब यह बार-बार या अत्यधिक आने लगे, तो यह मानसिक, शारीरिक और सामाजिक समस्याओं का कारण बन सकता है। गुस्से को समझना, स्वीकारना और सही तरीके से व्यक्त करना ही संतुलित जीवन की कुंजी है।

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आत्म-विकास और आदतें, मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, व्यवहारिक मनोविज्ञान

Couples Therapy: रिश्तों को बचाने का साइंटिफिक तरीका

Couples Therapy एक इलाज नहीं, बल्कि एक अभ्यास (process) है – जहां कपल्स अपने पुराने जख्मों को समझते हैं, व्यवहारिक आदतों को सुधारते हैं और एक नए, स्वस्थ रिश्ते की नींव रखते हैं।

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Self-Sabotage
आत्म-विकास और आदतें, व्यवहारिक मनोविज्ञान

हम खुद की ही राह में रोड़ा क्यों बन जाते हैं? Self-Sabotage

Self-Sabotage को हराना कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं, एक अभ्यास है। हर दिन जब आप खुद को थोड़ा बेहतर समझते हैं, और थोड़ा आगे बढ़ते हैं तभी आप खुद को रोकने की बजाय को उठाना शुरू करते हैं। अपने ही दुश्मन मत बनो- अपने सबसे अच्छे साथी बनो।

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Entitlement Syndrome
आत्म-विकास और आदतें, मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, व्यवहारिक मनोविज्ञान

मुझे सब मिलना ही चाहिए-क्या ये सोच युवाओं को कमज़ोर बना रही?

“मुझे सब कुछ मिलना चाहिए” — यह सोच जितनी आकर्षक लगती है, उतनी ही खतरनाक भी है। यह व्यक्ति को अंदर से खोखला कर देती है। यदि हम एक संतुलित और सफल जीवन चाहते हैं, तो हमें अधिकार की नहीं, जिम्मेदारी की भावना को अपनाना होगा।

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Phobia
मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता

फोबिया: जब डर आपके जीवन की दिशा बदल देता है

फोबिया क्या होता है? इसके प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं और ये हमारे मन व शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं? इस ब्लॉग में जानें लक्षण, कारण और समाधान।

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मोटापा : भारत की अगली महामारी
आत्म-विकास और आदतें, व्यवहारिक मनोविज्ञान

मोटापा: भारत की अगली महामारी तो नहीं है ?

भारत में मोटापा तेजी से एक नई महामारी के रूप में उभर रहा है। जानिए इसके पीछे के कारण, डराने वाले आंकड़े, और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम – इस तथ्यपूर्ण और चेतावनी भरे ब्लॉग में।

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दिमाग से जुड़े मिथक
मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, शरीर और मन का संबंध

दिमाग से जुड़े 20 पॉपुलर लेकिन झूठे विश्वास

“क्या हम दिमाग का सिर्फ 10% इस्तेमाल करते हैं? क्या बाएं-brain वाले लोग ही तर्कशील होते हैं? इस ब्लॉग में जानिए ऐसे 12 पॉपुलर माइंड मिथकों की सच्चाई, जो आपने अब तक सच माने थे – और जानिए दिमाग के पीछे की असली साइंस।”

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Multiple selves theory
मनोवैज्ञानिक तथ्य और व्यावहारिक सुझाव, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, व्यवहारिक मनोविज्ञान

कभी आपने सोचा? हर आदमी में होते हैं, दस-बीस आदमी

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे अंदर सच में कितने “आप” होते हैं? हमारा स्वयं (सेल्फ) एक जैसा और स्थिर नहीं होता। अलग-अलग परिस्थितियों, लोगों और भूमिकाओं में हमारा व्यवहार, विचार और भावनाएँ बदल जाती हैं। यही सेल्फ-प्लुरलिज़्म, सेल्फ-कॉम्प्लेक्सिटी और सेल्फ-कॉन्सेप्ट डिफरेंशिएशन की अवधारणाएँ हैं—जो हमें बताती हैं कि हमारे अंदर कई स्व होते हैं, जो हर माहौल में अलग-अलग रूप में दिखाई देते हैं। आइए, जानते हैं कि हमारे अंदर कितने “आप” हैं और ये कैसे हमारे व्यक्तित्व को बनाते हैं।

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मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जागरूकता, शरीर और मन का संबंध

आपके विचार शरीर को बीमार कर रहे हैं-साइकोसोमैटिक डिसऑर्डर

हमारे विचार केवल हमारे मानसिक अनुभव ही नहीं बनाते, बल्कि वे हमारे शरीर की सेहत पर भी गहरा असर डालते हैं। नकारात्मक सोच और लगातार तनाव से शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ जन्म ले सकती हैं, जबकि सकारात्मक सोच और मानसिक शांति से स्वास्थ्य बेहतर होता है।

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