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मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय

भारतीय घरों में मानसिक स्वास्थ्य पर बात क्यों नहीं होती?

मेंटल हेल्थ पर बात न करना समस्या को खत्म नहीं करता, बल्कि उसे गहरा करता है। भारतीय घरों को समझना होगा कि मजबूती का मतलब चुप रहना नहीं, बल्कि समय पर बोल पाना है। अगर हम अगली पीढ़ी को भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाना चाहते हैं, तो शुरुआत हमें अपने घरों से करनी होगी।

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Less Speaking People
व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

कम बोलने वाले लोगों के व्यक्तित्व के 10 मनोवैज्ञानिक सच

कम बोलने वाले लोगों के ये मनोवैज्ञानिक गुण दर्शाते हैं कि खामोशी कमजोरी नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली व्यक्तित्व का प्रतीक है। इन्हें समझकर हम अपनी सोच बदल सकते हैं और खुद में इन गुणों को अपनाकर जीवन को समृद्ध बना सकते हैं।

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Heart vs Brain
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, शरीर और मन का विज्ञानं

दिल और दिमाग में किसका निर्णय बेहतर होता है?

दिल और दिमाग को अलग‑अलग रखना प्रकृति के खिलाफ है। दिल दिशा दिखाता है, दिमाग रास्ता तय करता है। किसी एक की आवाज़ को नज़रअंदाज़ करना बुद्धिमानी नहीं, बल्कि उसे समझकर संतुलन बनाना ही सही निर्णय की कुंजी है।

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Why we ignore our own Advice
मनोवैज्ञानिक फैक्ट्स, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

हम दूसरों को दी गयी सलाह खुद पर लागू क्यों नहीं करते?

हम अक्सर दूसरों को सही रास्ता दिखा देते हैं, अच्छी राय देते हैं लेकिन खुद उसी रास्ते पर चलने से डर जाते हैं। यह कमजोरी नहीं, इंसानी दिमाग की सच्चाई है। इस ब्लॉग में इसके कारणों और उपायों पर चर्चा की गयी है।

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2026: बड़े वादे नहीं, छोटे संकल्प
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

वर्ष 2026: बड़े वादे नहीं, 10 छोटे संकल्प जो सच में काम करें

हर नया साल बड़े वादों के साथ आता है, लेकिन ज़्यादातर रिज़ॉल्यूशन कुछ हफ्तों में टूट जाते हैं। यह लेख 2026 के लिए ऐसे छोटे, व्यवहारिक संकल्पों पर केंद्रित है जो मानसिक रूप से यथार्थवादी हैं और सच में ज़िंदगी को आसान बनाते हैं।

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मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

जो कहते हैं ‘मैं ठीक हूँ’, वही अंदर से टूटे होते हैं

‘मैं ठीक हूँ’ कई बार सच नहीं, बल्कि भावनाओं को दबाने का तरीका होता है। जानिए क्यों चुप रहने वाले लोग सबसे ज़्यादा मानसिक थकान झेलते हैं।

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बच्चों के व्यवहार को पॉजिटिव शेप देने के तरीके
मनोवैज्ञानिक सुझाव – जीवन को आसान और समझदार बनाने के लिए, व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला

बच्चों के व्यवहार को पॉजिटिव शेप देने के 12 वैज्ञानिक तरीके

बच्चों के व्यवहार को पॉजिटिवली शेप करने के 12 वैज्ञानिक तरीके मनोविज्ञान पर आधारित हैं, जैसे पॉजिटिव रिइनफोर्समेंट और बिहेवियरल थेरेपी, जो बच्चों के दिमाग में अच्छी आदतें पैदा करते हैं। रोजाना अपनाओ तो बच्चा खुश, आज्ञाकारी और कॉन्फिडेंट बनेगा।

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hunger psychology hindi
आत्म-विकास – खुद को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम, स्वास्थ्य और पोषण

सर्दी में भूख लगती है लेकिन खाना नहीं पचता? असली वजह जानें!

सर्दियों में ज्यादा भूख लगना शरीर की स्मार्ट रणनीति है, लेकिन पाचन कमजोर को नजरअंदाज न करें। सही आहार, व्यायाम और परंपराओं से आप स्वस्थ रह सकते हैं। याद रखें, संतुलन ही कुंजी है।

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युवा पीढ़ी में तनाव, चिंता और डिप्रेशन
चिंता और तनाव प्रबंधन – मानसिक शांति के मनोवैज्ञानिक तरीके, मानसिक स्वास्थ्य – तनाव, चिंता और आत्म-संतुलन के उपाय

आज की युवा पीढ़ी मानसिक रूप से क्यों थक रही है?

युवा वर्ग में तनाव, चिंता और डिप्रेशन किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई छोटे-छोटे दबावों के जुड़ने से पैदा होता है। आज जरूरत है: खुद से ईमानदार होने की, मदद माँगने की हिम्मत की, और यह समझने की कि धीमे चलना भी ठीक है।

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विंटर ब्लूज़
व्यवहारिक मनोविज्ञान – सोच और व्यवहार को समझने की कला, शरीर और मन का विज्ञानं

सर्दियों में मन सुस्त और उदास क्यों हो जाता है- कभी सोचा ?

सर्दियों में मन का सुस्त और उदास होना कमज़ोरी नहीं, बल्कि दिमाग और शरीर का संकेत है। इसे जानने के लिए विंटर ब्लूज़, SAD के कारण, प्रभाव और आसान उपाय जानें। आज से सुस्ती दूर करें!

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