“खूबसूरत दिखना”  अब एक विकल्प नहीं, एक दबाव बन गया है

ब्यूटी बर्नआउट क्या है? जब सुंदर दिखने की कोशिश, मानसिक और भावनात्मक थकान बन जाए।

हर दिन सुंदर दिखने की दौड़…फिल्टर, मेकअप, स्किन-रूटीन और खुद से कभी संतुष्ट न होना।

रिसर्च: 56% किशोरों ने माना कि सोशल मीडिया पर सौंदर्य मानकों को देखकर उन्हें “असुरक्षा” महसूस होती है।

सोशल मीडिया का दबाव: इंस्टाग्राम फिल्टर्स और इन्फ्लुएंसर्स से 'परफेक्ट ब्यूटी' का प्रेशर।

हर नया प्रोडक्ट, मास्क, ट्रीटमेंट ट्राई करने से स्किन इरिटेशन और मानसिक थकान।

लगातार डाइटिंग, वर्कआउट से क्रॉनिक थकान। वजन घटाने की होड़ में नींद और एनर्जी खत्म।

विशेष लक्षण: 1. हर समय अपने लुक्स को लेकर चिंता 3. सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना करना 5. कॉस्मेटिक्स या ट्रीटमेंट्स पर जरूरत से ज्यादा खर्च करना 6. अगर मेकअप न हो, तो लोगों से मिलने में झिझकना

जब सुंदरता बोझ बन जाए तो समझिए- आप थक चुके हैं।

खुद को स्वीकार करना ज़रूरी है। रोज़ आईने में देखकर  कहें: "मैं जैसी हूँ, वैसी ही खूबसूरत हूँ।"

खूबसूरती बोझ नहीं होनी चाहिए, खूबसूरती तब है, जब खुद को साबित न करना पड़े,

उनसे जुड़ें जो लोग आपके दिल और सोच को पसंद करते हैं- आके लुक्स को नहीं।

बिना फिल्टर, बिना एडिट के खुद की फोटो स्वीकार करें- आत्मविश्वास बढ़ेगा।

अपनी असल पहचान और आत्म-सम्मान को नजरअंदाज़ ना करें। वही असली ब्यूटी है।