ज्यादा मीठा खाने से मूड बदलने के वैज्ञानिक कारण

मीठा खाने से दिमाग में “डोपामिन” केमिकल रिलीज होता है (हैप्पी हार्मोन) इससे कुछ समय के लिए खुशी और सुकून महसूस होता है।

ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है। लेकिन यह असर ज्यादा देर नहीं रहता।

शुगर बढ़ने पर इंसुलिन रिलीज होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से गिराता है। इससे शुगर क्रैश होता है

डोपामिन (खुशी हार्मोन) कम होने से मोटिवेशन घटता है। कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ता है, ज्यादा शुगर ब्रेन रिवॉर्ड सिस्टम को बिगाड़ देती है।

लोग स्ट्रेस में ज्यादा मीठा खाते हैं क्योंकि मीठा खाने से कुछ समय के लिए तनाव कम महसूस होता है।

ज्यादा चीनी शरीर में सूजन पैदा करती है, जो डिप्रेशन से जुड़ी है। रिसर्च: मीठा ज्यादा खाने वालों को 25% ज्यादा मानसिक परेशानी होती है।

ज्यादा मीठा खाने से- मूड स्विंग, थकान, वजन बढ़ना, डायबिटीज का खतरा और फोकस में कमी आती है।

शुगर की लत मूड को अनस्टेबल बनाती है। WHO के अनुसार, दिन भर की कुल कैलोरी का 10% से कम शुगर लेना चाहिए। कम मीठा, बेहतर मूड!

मीठा पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। लेकिन मात्रा पर कंट्रोल रखना जरूरी है।